रजिस्ट्री का बेकअप कैसे करें ?
पिछली पोस्ट में मैंने आपको रजिस्ट्री एडिटर के बारे में जानकारी दी थी.
इस पोस्ट में रजिस्ट्री का बेकअप कैसे लिया जाता है बताया जायेगा.
सबसे पहले रजिस्ट्री एडिटर को खोलें.उसमें ऊपर दिए गए file मेनू में
जाएँ.वहां से export पर क्लिक करें.अब जो विण्डो खुलेगी उसमे आपको
रजिस्ट्री सुरक्षित करने को कहा जायेगा.उसमे save in के आगे वो फोल्डर
या स्थान चुने जहाँ आप रजिस्ट्री का बेकअप रखना चाहते हैं. नीचे filename
में पहचान के लिए कुछ भी नाम या उस दिन की दिनांक लिख दें और save
पर क्लिक कर दें.अब आपकी रजिस्ट्री का बेकअप सुरक्षित हो जायेगा.

अब अगर कभी आप से रजिस्ट्री एडिटर में कोई गड़बड़ हो जाये और सिस्टम
में कोई समस्या आ जाये तो रजिस्ट्री को रिस्टोर कर दें. रिस्टोर करने के लिए
रजिस्ट्री एडिटर के file मेनू में import पर क्लिक कर दें.अब जो विण्डो खुले
उसमे अपनी बेकअप की गयी रजिस्ट्री को उसके स्थान से चुनें और open पर
क्लिक कर दें.अब आपकी रजिस्ट्री पहली वाली स्थिति में आ जाएगी.

एक बात ध्यान में रहे कि रजिस्ट्री एडिटर में कोई भी बदलाव करने के बाद
कंप्यूटर रिस्टार्ट करना जरूरी है.

0 क्या है रजिस्ट्री एडिटर ?


रजिस्ट्री एडिटर का नाम सभी कंप्यूटर यूजर्स ने सुना होगा लेकिन इसके
बारे में बहुत कम लोग जानते हैं. रजिस्ट्री एडिटर विंडोज का एक विशेष टूल है.
यह एक ऐसा डाटाबेस होता है जिसमे हमारे कंप्यूटर के ऑपरेटिंग सिस्टम,सोफ्टवेयर,
हार्डवेयर आदि सभी की सेट्टिंग एंव इन्फोर्मेशन सुरक्षित रहती है.हम सिस्टम में
किसी भी तरह की सेट्टिंग करते हैं तो वो इसमें सुरक्षित हो जाती है.कंप्यूटर में
किसी भी तरह का बदलाव करने के लिए रजिस्ट्री एडिटर में जाकर ही करना पड़ता है.
लेकिन यह बहुत नाज़ुक टूल है.इसमें मामूली गलती होने पर आपका पूरा सिस्टम
या कोई प्रोग्राम या हार्डवेयर काम करना बंद कर सकता है.जब हम इसमें कोई बदलाव
करते हैं तो कंट्रोल पेनल की तरह चेतावनी नहीं देता बल्कि सेव हो जाता है.इसलिए
नए यूजर्स को इसमें छेड़खानी करने से बचना चाहिए जब तक इसके बारे में पूरी
जानकारी ना हो.
हमारे ब्लॉग में कई टिप्स एंव ट्रिक्स रजिस्ट्री एडिटर से सम्बंधित बताई गई
है उनका प्रयोग बहुत सावधानीपूर्वक करें. रजिस्ट्री एडिटर में किसी भी तरह का
बदलाव करने से पहले रजिस्ट्री का बेकअप जरूर ले लेना चाहिए ताकि गड़बड़ होने
पर वापस रिस्टोर किया जा सके. इसका तरीका हम अगली पोस्ट में बताएँगे.
रजिस्ट्री एडिटर को खोलने के लिए start मेनू में जाएँ.फिर run पर क्लिक
करें.अब बॉक्स में ये टाइप करें-regedit फिर ओके कर दें.अब आपके सामने
रजिस्ट्री एडिटर की विंडो खुल जाएगी.

 


2 डिस्क क्लीनप टूल से करें अपने कंप्यूटर की सफाई


डिस्क क्लीनअप टूल विण्डो का बहुत उपयोगी टूल है.इसकी
सहायता से हम अपने कंप्यूटर में पड़ी अनावश्यक फाइल्स जैसे कि
टेम्परेरी फाइल्स,टेम्परेरी इन्टरनेट फाइल्स आदि जो कि हमारे किसी
काम की नहीं होती और फ़ालतू जगह घेरती है को कंप्यूटर से हटा देती
है.इस को काम में लेने के लिए सबसे पहले my computer को खोलें.
अब C ड्राइव को राईट क्लिक करें.फिर property में जाएँ.अब जो
विण्डो खुले उसमे disk cleanup पर क्लिक करें.अब आपके सामने
सिस्टम की सभी अनावश्यक फाइल्स की लिस्ट आ जाएगी उन सब
को चेक कर दें मतलब कि सब पर राईट का निशान लगा दें.इस तरह-

अब ओके कर दें.फिर yes कर दें.अब टूल अपना काम चालु कर देगा
और कुछ देर में सभी अनावश्यक फाइल्स को रिमूव कर देगा.अब दूसरी
ड्राइव्स D E F आदि को भी इसी तरह से क्लीन करें.
डिस्क क्लीनप टूल को कुछ दिनों के अंतराल से चलाते रहना चाहिए.
इससे कंप्यूटर की स्पीड तेज होती है.

 


0 डिस्क डिफ्रेगमेंटर टूल -बढ़ाएं कंप्यूटर की परफोमेंस


डिस्क डिफ्रेगमेंट विंडोज एक्सपी का बहुत ही उपयोगी टूल है.इसका
काम है कंप्यूटर में बिखरी पड़ी अव्यवस्थित फाइल्स को व्यवस्थित करना.
जिससे हमारे कंप्यूटर का बहुत सा स्पेस खाली हो जाता है.कंप्यूटर की स्पीड
तेज हो जाती है.प्रोग्राम्स तेजी से खुलते हैं.कुल मिला कर हमारे कंप्यूटर की
परफोमेंस बहुत बढ़िया हो जाती है. डिफ्रेगमेंट हफ्ते में एक बार या कम से कम
महीने में एक बार जरूर करनी चाहिए.

डिफ्रेगमेंट चलाने के लिए सबसे पहले start में जाएँ.फिर इसके बाद
all programs पर माउस ले जाएँ.अब प्रोग्राम लिस्ट में accessories फिर
system tools पर माउस ले जाएँ और disk defragmenter पर क्लिक करें.
अब आपके सामने disk defragmenter की विंडो खुल जाएगी इस तरह.

इसमें आपकी हार्डडिस्क की सभी ड्राइव्स C D E F आदि नज़र आएगी.
अब पहली ड्राइव पर राईट क्लिक करें और defragment पर क्लिक कर दें.
अब डिफ्रेगमेंट चालु हो जाएगी और और 15 -20 मिनट का समय लेगी.और
सभी फाइल्स को व्यवस्थित कर देगी.अब बाकी सभी ड्राइव्स पर भी इसी तरह
से डिफ्रेगमेंट चलायें.
यह ध्यान रहे डिफ्रेगमेंट चलाने के लिए आपकी हर ड्राइव में 15% स्पेस
जरूर होना चाहिए.यदि स्पेस ना हो तो फ़ालतू फाइल्स को हटा दें.

 


5 पेन ड्राइव फोर्मेट करने का सही तरीका


अक्सर हमारी यूएसबी पेन ड्राइव वाइरस या किसी और कारण से
कई तरह के एर्रर देने लग जाती है और कई बार सामान्य तरीके से फोर्मेट
करते समय भी एर्रर आ जाता है और पेन ड्राइव फोर्मेट नहीं हो पाती है.लेकिन
एक तरीका है जिससे आपकी पेन ड्राइव फोर्मेट भी हो जाएगी और कोई एर्रर
होगा तो वो भी ख़त्म हो जायेगा.
सबसे पहले पेन ड्राइव को कंप्यूटर से जोड़ें. फिर माई कंप्यूटर पर राईट
क्लिक कीजिये वहां आपको manage का आप्शन मिलेगा उसे क्लिक
कीजिये.अब आपके सामने computer management की विंडो खुलेगी,
उसमे disk management पर क्लिक कीजिये.अब दायीं तरफ आपके
हार्डडिस्क और पेन ड्राइव की ड्राइव्स दिखने लग जाएगी.अब पेन ड्राइव पर
राईट क्लिक करें फिर format पर क्लिक करें.अब जो सन्देश आये उसे
yes कर दें फिर ok करदें.अब पेन ड्राइव फोर्मेट हो जाएगी और सभी एर्रर
भी ख़त्म हो जायेंगे. एक बात और,फोर्मेट करने से पहले सावधानी से पेन
ड्राइव की ड्राइव को सेलेक्ट करें ऐसा ना हो कि आप गलती से हार्डडिस्क की
ड्राइव को फोर्मेट कर दें और आपका पूरा डाटा ख़त्म हो जाये.

1 अपनी हार्डडिस्क ड्राइव्स को कैसे छुपायें ?

 
अगर आप चाहते हैं की आपके अलावा दूसरा कोई व्यक्ति आपके कंप्यूटर
की हार्डडिस्क ड्राइव्स मतलब कि C D E F आदि को देख और इस्तेमाल ना
कर सके तो इसके लिए निचे बताये गए तरीके पर अमल करें.
सबसे पहले start पर क्लिक करें फिर run में जाएँ वहां बॉक्स में टाइप
करें gpedit.msc फिर ओके कर दें. अब आपके सामने group policy की विंडो
खुलेगी उसमें से user configuration फिर administrative templates पर
क्लिक करें फिर windows components पर क्लिक करें फिर वहां से windows
explorer को खोलें. अब दायीं तरफ एक लिस्ट आएगी उसमे से hide these
specified drives in my computer पर डबल क्लिक करें. अब जो विंडो खुले
उसमें enabled को सेलेक्ट करें.सेलेक्ट करते ही निचे आपको कुछ आप्शन
मिलेंगे.अब जो जो ड्राइव आपको छुपानी है उनको सेलेक्ट कर दें.अगर सभी
ड्राइव्स को छुपाना हो तो restrict all drives को सेलेक्ट कर दें.अब apply करके
ओके कर दें फिर बाहर आ जाएँ.
अब जो जो ड्राइव आपने छुपाई है वो my computer से गायब हो जाएगी
और कोई भी आम यूजर उनको देख नहीं सकेगा. ड्राइव्स को वापस my computer
में दिखाने के लिए आखरी विंडो में enabled की जगह disabled को सेलेक्ट कर दें .

 


3 अपने सिस्टम की पूरी जानकारी देखें एक ही जगह


जब आप नया कंप्यूटर खरीदते हैं या असेम्बल कराते हैं तो आपको
उसके बारे में सभी जानकारी होती है की उसमे कोनसा मदरबोर्ड, प्रोसेसर,
रैम आदि लगा हुआ है लेकिन जब आप सेकंडहैण्ड कंप्यूटर खरीदते है तो
ये जानकारी आपको नहीं होती और दुकानदार जो बोले उस पर विश्वास करना
पड़ता है .और केबिनेट खोल कर एक एक पार्ट को चेक करना एक टेढ़ा काम है.
आमतौर पर हम प्रोसेसर वगैरह की जानकारी system की property
में जाकर देखते हैं लेकिन वहां सीमित जानकारी होती है और कई बार
गलत भी. एक्सपर्ट लोग इस जानकारी को चेंज कर देते हैं और p-3 को
p-4 दर्शा देते हैं इस तरह हम धोके का शिकार हो जाते हैं .
लेकिन विंडोज में कुछ टूल्स है जिनकी सहायता से हम अपने सिस्टम
की सही सही जानकारी मालुम कर सकते हैं वो भी एक ही जगह .
१. पहले start पर जाएँ फिर run में जाएँ वहां टाइप करे dxdiag फिर ओके
कर दें अब आपके सामने आपके सिस्टम की पूरी जानकारी आ जाएगी .
२. सबसे पहले start पर जाएँ फिर all programs पर माउस ले जाएँ अब
आपके सामने प्रोग्राम लिस्ट आ जाएगी उसमें accessories पर माउस
ले जाएँ फिर system tools पर माउस ले जाएँ और लिस्ट में से system
information को क्लिक कर दें थोड़ी देर में आपके सिस्टम की पूरी जानकारी
आपके सामने आ जाएगी .

 


3 क्या आपका कंप्यूटर स्टार्ट होने में ज्यादा समय लेता है?

क्या आपका कंप्यूटर भी स्टार्ट होने में बहुत समय लेता है इसके कई
कारण है जैसे वायरस या बूटअप में प्रॉब्लम लेकिन सबसे बड़ा कारण है आपके
startup में बहुत ज्यादा प्रोग्राम्स का होना. हम रोज नए नए प्रोग्राम्स लोड
करते रहते हैं लेकिन यह ध्यान नहीं देते की उनमें से कई हमारे startup में
ऑटोमेटिक जुड़ जाते हैं तो जब विंडोज स्टार्ट होता है तो यह प्रोग्राम्स भी
एक एक करके लोड होते रहते है तो स्टार्ट होने में समय ज्यादा लगता है .
इसका एक उपाय है इन प्रोग्राम्स को startup से हटा देना .इन प्रोग्राम्स
को आवश्यकता होने पर बाद में भी मेनुअल स्टार्ट कर सकते हैं .

सबसे पहले आप start में जाएँ फिर run पर क्लिक करें अब आपके सामने
एक बॉक्स खुल जायेगा उसमें टाइप करें msconfig फिर ओके कर दें अब
आपके सामने system configuration utility की विंडो खुल जाएगी.
system configuration utility विंडोज का बहुत उपयोगी टूल है इसमें हम
अपने सिस्टम के स्टार्टअप प्रोग्राम्स और सर्विसेस को देख सकते हैं और
अपनी मर्जी से बदलाव कर सकते हैं
अब startup पर क्लिक करें अब आपके सामने ऑटोमेटिक स्टार्ट होने वाले
सभी प्रोग्राम्स की लिस्ट आ जाएगी अब आप जिस जिस प्रोग्राम को स्टार्टअप
से हटाना चाहते हैं उनको uncheck कर दें .यह ध्यान रहे कि कुछ प्रोग्राम्स
का आपके सिस्टम के साथ स्टार्ट होना जरूरी है जैसे एंटीवायरस उनको
uncheck न करें .अब apply कर दें फिर कंप्यूटर को रिस्टार्ट कर दें

अब बताइये आपका सिस्टम तेजी से स्टार्ट होता है या नहीं

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