नया जमाना, नया है ट्रेंड
भोपाल। कंप्यूटर गेम्स, इंटरनेट और टेलीविजन के दौर में माना जा रहा है कि कुछ दशकों बाद प्रिंटेड बुक्स का क्रेज कम हो जाएगा। नेट फ्रेंडली यंग जनरेशन हर चीज को स्क्रीन पर देखना चाहती है लेकिन ऐसा नहीं है। आज भी किताबों की अपनी अलग अहमियत हैं। किताबों के प्रति हर वर्ग में दिलचस्पी पहले की अपेक्षा बढ़ी है। फर्क यह है कि उनकी पसंद बदलते दौर के साथ चेंज हुई है। पसंद के करवट लेते इसी पड़ाव को भांपा सिटी भास्कर ने। एक तुलनात्मक रिपोर्ट।
हाईटेक होती लाइफ स्टाइल में लोग तेज रफ्तार से भाग रहे हैं। वे टेक्नोफ्रेंडली हो गए हैं। ऐसे में भी किताबों का अपना खास स्थान है। बदलते परिवेश और समय के संदर्भ में लोगों की पसंद भी बदली है। इस सबके बावजूद किताबों का महत्व और उनसे जुड़ाव का रिश्ता मजबूत हुआ है।
बच्चें में बढ़ा ग्राफिक कामिक्स का क्रेज
पहले बच्चे जहां चाचा चौधरी, बिल्लू , फैंटम आदि की कॉमिक्स पढ़ते थे। आजकल उन्हें मनोरंजक किस्से, कहानियां और नॉवेल के अलावा ग्राफिक बुक्स पसंद आ रही हैं। 6-14 साल तक के बच्चों में इंटरनेशनल बुक्स पढ़ने का क्रेज बढ़ा है। एस्ट्रिक्स सिरीन, नैन्सी ड्रयू, हैरी पॉटर सीरीज की किताबें काफी लोकप्रिय हैं। साथ ही एनिड ब्लायटन की हॉरर सीरीज, हैना मोन्टाना, गूज बम्स सीरीज की बुक्स भी काफी पसंद की जा रही हैं। ग्राफिक कॉमिक्स इन दिनों बच्चों की पहली पसंद बनी हुई हैं।
क्या है ग्राफिक नॉवेल/कॉमिक्स
ग्राफिक नॉवेल कॉमिक्स बुक्स की तरह हैं। इनमें शॉर्ट स्टोरीज का कलेक्शन होता है। ये बच्चों और टीनएजर्स में काफी लोकप्रिय हैं। इनमें शिक्षाप्रद कहानियों को मजेदार विजुअल्स के सहारे काफी रोचक तरीके से बताया जाता है। इनके विजुअल्स इतने जीवंत होते हैं, मानो आप इवेंट को खुद अपनी आंखो से देख रहे हों। द डेथ ऑफ सुपरमैन, द रिटर्न ऑफ सुपरमैन, वर्ल्ड विदाउट ए सुपरमैन आदि ग्राफिक बुक्स पढ़ते समय पूरा चित्र सामने उभरकर आ जाता है। आजकल बाजार में अलग-अलग विषयों पर ग्राफिक नॉवेल उपलब्ध हैं। जैसे सुपरहीरोज, फैंटेसी, साइंस, फिक्शन, हिस्टोरिकल, एक्शन, रियलिस्टिक, फिक्शन आदि।
टीनएजर्स की पसंद कैंपस बेस्ड बुक्स
स्कूल में हायर क्लास और कॉलेज में पढ़ने वाले टीनएजर्स पहले कॉम्पिटीशन सक्सेस, जनरल नॉलेज और प्रतियोगी परीक्षाओं पर अधारित किताबें पसंद करते थे। आजकल वे मैरीकेट एंड एस्ले, मिल्स एंड बून्स, चेतन भगत के साथ ही रोमांटिंक कहानियों की किताबें, कैंपस एंड कॉलेज लाइफ एवं दोस्ती पर आधारित किताबें खूब पढ़ रहे हैं। किताबों के ई-बुक का रूप लेने के बाद ई-बुक रीडर और ऑडियो बुक भी युवाओं की पसंद बन रही है।
प्रोफेशनल्स को भाए सक्सेस के फंडे
प्रोफेशनल युवा पहले करियर से संबंधित और सेल्फ डेवलपमेंट की किताबें ज्यादा पढ़ते थे। अब वे रोमांटिंक किताबें, चेतन भगत, मानवी आहूजा, तुषार रहेजा, नीरज छिब्बर को पसंद कर रहे हैं। प्रोफेशनल्स पहले समसामयिक मुद्दे, राजनीति पर बेस्ड किताबें भी पढ़ते थे। वहीं आजकल वे सक्सेस के फंडे, पर्सनाल्टिी डेवलपमेंट, टाइम मैनेजमेंट, स्किल्स मैनजमेंट, बायोग्राफी और आटोबायोग्राफी को पढ़ रहे हैं।
गृहिणी को चाहिए फिटनेस और फैशन
गृहिणियां जहां पहले खान-पान स्वास्थ्य और धार्मिक किताबें पढ़ती थीं, वहीं आजकल लाइफ स्टाइल, फैशन इंटीरियर, फिटनेस मोटीवेशनल बुक्स उनकी पहली पसंद बन गईं हैं। इसके अलावा वे जासूसी उपन्यास, अगाथा क्रिस्टी, सिडनी शेल्डेन नॉवेल भी पसंद कर रही हैं।
सीनियर सिटीजन हो रहे हाईटेक
वरिष्ठ नागरिक भी अपने आप को ग्लोबलाइजेशन के दौर में अपडेट रखने के लिए कंप्यूटर और तकनीकों का ज्ञान प्राप्त कर रहे हैं। वे पहले जहां धार्मिक और पौराणिक किताबें पढ़ते थे। वहीं अब फिक्शन भी पढ़ रहे हैं।
दसवां बाल पुस्तक मेला आज से
इंटरनेशनल बुक हाउस कई संस्थाओं के सहयोग से शुक्रवार को दसवें बाल पुस्तक मेले का आयोजन कर रहा है। एमपी नगर जोन एक स्थित थड्डाराम परिसर में होने वाले इस पुस्तक मेले में बच्चों की मनपसंद पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी। मेले में बच्चों के व्यक्तिव विकास और मनोरंजन के लिए विश्व भर की ढेरों पुस्तकें मिलेंगी। मेला १७ दिनों तक चलेगा। उद्घाटन के मौके पर 'व्हाई आई एम नॉट सिविल सर्वेन्ट' के लेखक समेत कई वरिष्ठ साहित्यकार उपस्थित रहेंगे।
पुस्तक मेला आयोजन समिति के संयोजक प्राशांत शर्मा ने बताया, मेले में बच्चों की बुक्स रियायती मूल्य में दी जाएंगी। इसमें ३ से १६ साल आयु के बच्चों के लिए जानेमाने लेखकों रस्किन बांड, एनिड ब्लायटन आदि की पुस्तकें मिलेंगी। ये पुस्तकें खासतौर सीडी में उपलब्ध होंगी।
यहां क्रिएटिव एक्टिविटीज, सांइंस प्रोजेक्ट एंड एक्सपेरीमेंट, बाल मनोविज्ञान, आत्मसुधार, चाइल्ड डिक्शनरी, आर्ट एंड ड्राइंग, इंटीरियर डिजाइन आदि की बुक्स रहेंगी। मौके पर मेले का उद्घाटन भोपाल के ही इंजीनियरिंग के छात्र लेखक प्रणय साहू करेंगे। इन्होंेने मात्र २१ वर्ष की उम्र में अंग्रेजी नॉवेल 'गो ग्रेजुएट' लिखा है। मेले के उद्घाटन अवसर इस पुस्तक का विमोचन भी किया जाएगा। मेला पाठकों के लिए रविवार सहित प्रतिदिन सुबह ११ से ९ बजे तक खुला रहेगा। |