एक बात ध्यान रखो कि लाइफ में हर कोई अपनी एक अलग रेस में दौड़ रहा होता है। आपकी जिंदगी की अपनी रेस है और आपके साथ सालों साथ खेले दोस्त या क्लास में पढ़े दोस्त की अपनी। सब अपनी रफ्तार से दौड़ रहे हैं। सबको मंजिल तक पहुंचना है। यहां सबके ट्रैक अलग हैं। कोई धूल भरे रास्तों से गुजर रहा है तो कोई सपाट कंक्रीट रोड पर करियर के घोड़े को हांक रहा है। इस गुरू का ज्ञान सिर्फ इतना है कि सिर्फ खुद के करियर और लाइफ के घोड़े की आंखों पर कंटोप लगाओ और उसे दूसरों की सक्सेस से पैदा होने वाली ईष्र्या से डिस्ट्रेक्ट होने से बचाओ। सीधा सोचो और सीधे लक्ष्य को साधो। |
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